कहानियों का सूची

33. प्रभु येशु एक बहरे आदमी को ठीक करते हैं

(मरकुस 7:31-37)

00:00
02:09

फिर येशु जी वहां से चलकर दिकापुलिस के गाँवों में गये जो गलील के समुद्र के पार थे। वहां येशु जी के पास आदमी एक बीमार को लाये जो कानों से सुन नहीं सकता था और अच्छे से बोल भी नहीं सकता था। और उन्होंने येशु जी से विनती की, “आप इस पर हाथ रख दें तब यह ठीक हो सकता है।”

उसके बाद येशु जी उस आदमी को भीड़ से अलग ले गये और उसके कानों में अपनी उँगलियाँ डाली और उसकी जीभ में अपना थूक लगाया। और आकाश की ओर देखकर प्रार्थना करने के बाद उन्होंने कहा, “खुल जा!” और उस समय से वह आदमी कानों से सुनने और अच्छे से बोलने लगा।

यह सब देखकर लोग बहुत चकित हो गये और खुशी से कहने लगे, “जो ये कर रहे हैं, ठीक कर रहे हैं! यह तो जो बोल नहीं सकता है उनको बोलने की शक्ति देते हैं, और जो कान नहीं सुनते, वे सुनने लग जाते हैं!”

और येशु जी ने लोगों से कहा, “इस बात के बारे में तुम किसी से कुछ मत कहना।” लेकिन जितना उन्होंने मना किया, वे उतना उनके बारे में अधिक प्रचार करने लगे।

मनन और चर्चा करने के लिए कुछ सवाल

1) इस वचन में आपको क्या अच्छा लगा? क्या पसंद नहीं आया?

2) इस वचन से आप परमात्मा के बारे में क्या सीखते हैं?

3) इस वचन से आप मनुष्यों के बारे में क्या सीखते हैं?

4) इस वचन से हमें अपने जीवन में क्या पालन करना चाहिए?

5) इस वचन को आप किस के साथ बाँटेंगे और कब?

येशु सत्संग