(मत्ती 28:11-15)
औरतों के जाने के बाद, कब्र के पहरेदारों ने नगर में पुरोहितों के अधिकारियों के पास जाकर उनको बताया कि क्या क्या हुआ। तब पुरोहितों के अधिकारियों ने और प्रधानों ने मिलकर यह फैसला किया कि पहरेदारों को रुपये देकर उनसे कहेंगे, “तुम लोगों से ऐसा कहना, कि जब हम रात में सोये थे तब येशु जी के चेले आये और येशु जी की लाश को चुरा ले गये। और अगर यह बात राज्यपाल के कानों तक पहुंच जायेगी, तब हम उनको समझा देंगे और तुमको इस मुसीबत से बचा लेंगे।” तब उन्होंने रुपये लेकर वैसा ही किया जैसा उनसे कह रखा था। और उन्होंने ये बातें यहूदियों में फैला दीं।
1) इस वचन में आपको क्या अच्छा लगा? क्या पसंद नहीं आया?
2) इस वचन से आप परमात्मा के बारे में क्या सीखते हैं?
3) इस वचन से आप मनुष्यों के बारे में क्या सीखते हैं?
4) इस वचन से हमें अपने जीवन में क्या पालन करना चाहिए?
5) इस वचन को आप किस के साथ बाँटेंगे और कब?