(मरकुस 1:16-20)
एक दिन येशु जी गलील के समुद्र के किनारे से जा रहे थे। तब उन्होंने शिमौन और अन्द्रियास नाम के दो भाइयों को देखा जो समुद्र में जाल डाल रहे थे, क्योंकि वे मछुआरे थे। येशु जी ने उनको बुलाकर कहा, “तुम मेरे साथ आओ! जैसे तुम मछलियों को जमा करते हो, वैसे ही मैं तुम को लोगों को जमा करनेवाला बनाऊंगा, जिससे लोग मुझे जानेंगे और मुझ में विश्वास करेंगे।” तब वे तुरन्त अपना काम छोड़कर येशु जी के साथ चल पड़ें और उनके शिष्य बन गये।
थोड़ा आगे जाकर येशु जी ने फिर दूसरे लोगों को देखा। उनमें दो भाई याकूब और योहन भी थे। वे नाव में बैठकर अपने जालों को ठीक कर रहे थे। येशु जी ने उनको बुलाया और वे अपने पिता को मजदूरों के साथ नाव में छोड़कर येशु जी के साथ चले गये।
प्रभु येशु शिष्य बनाते हैं
1) इस वचन में आपको क्या अच्छा लगा? क्या पसंद नहीं आया?
2) इस वचन से आप परमात्मा के बारे में क्या सीखते हैं?
3) इस वचन से आप मनुष्यों के बारे में क्या सीखते हैं?
4) इस वचन से हमें अपने जीवन में क्या पालन करना चाहिए?
5) इस वचन को आप किस के साथ बाँटेंगे और कब?