(लुका 2:8-20)
उस नगर के बाहर मैदान में कुछ चरवाहे थे, जो रात में अपनी भेड़-बकरियों की देख-भाल कर रहे थे। तब अचानक परम स्वर्ग से परमात्मा के दूत वहां आ गये, और अपने चारों ओर परमात्मा की ज्योति देखकर चरवाहे बहुत डर गये। तब दूत ने उनसे कहा, “तुम डरो मत, मैं तुम्हारे लिये एक खुशी की खबर लेकर आया हूं! आज तुम्हारे लिये बैतलहम में मुक्तिदाता का जन्म हुआ है। तुम्हारे लिये उसकी यह पहचान होगी, कि तुम उसको कपड़े में लिपटा और चरनी में रखा पाओगे।”
तब अचानक परम स्वर्ग से बहुत स्वर्गदूत आये और परमात्मा की जय जयकार करते-करते कह रहे थे, “परम स्वर्ग में परमात्मा की महिमा हो, और धरती में उन लोगों को शांति मिले, जिनको देखकर परमात्मा खुश हैं।” उनके जाने के बाद चरवाहों ने बहुत खुश हो कर कहा, “चलो, हम बैतलहम जाकर उस बच्चे को देखते है!” तब उन्होंने बैतलहम आकर योसफ, मरियम और उस बच्चे को चरनी में रखा हुआ देखा, जैसा स्वर्गदूत ने उनको बताया था। और उन्होंने बच्चे के माता-पिता को बताया की स्वर्गदूत ने इसके बारे में हमको क्या-क्या बताया था।
इसके बाद वहां से लौट कर वे सब को बताने लगे कि यहां क्या हुआ है। जिन्होंने भी ये सब सुना, वे बहुत चकित रह गये।
चरवाहे प्रभु येशु से मिलने आते हैं
1) इस वचन में आपको क्या अच्छा लगा? क्या पसंद नहीं आया?
2) इस वचन से आप परमात्मा के बारे में क्या सीखते हैं?
3) इस वचन से आप मनुष्यों के बारे में क्या सीखते हैं?
4) इस वचन से हमें अपने जीवन में क्या पालन करना चाहिए?
5) इस वचन को आप किस के साथ बाँटेंगे और कब?