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40. प्रभु येशु दुबारा बताते हैं कि मैं मारा जाऊँगा

(मरकुस 9:30-32)

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येशु जी और उनके शिष्य वहां से गलील प्रदेश की तरफ जा रहे थे। येशु जी नहीं चाहते थे कि किसी को भी इसका पता चले, क्योंकि वे अपने शिष्यों को उपदेश देना चाहते थे। उन्होंने कहा, “मैं जो परमात्मा की ओर से आया हूं, लोगों के हाथ पकड़ाया जाऊँगा। और वे मुझे मार देंगे, लेकिन मरने के तीसरे दिन मैं फिर जीवित करा जाऊँगा।”

पर शिष्य येशु जी की इस बात को समझ नहीं सके और वे उन से इसके बारे में सवाल पूछने से भी डर रहे थे।

मनन और चर्चा करने के लिए कुछ सवाल

1) इस वचन में आपको क्या अच्छा लगा? क्या पसंद नहीं आया?

2) इस वचन से आप परमात्मा के बारे में क्या सीखते हैं?

3) इस वचन से आप मनुष्यों के बारे में क्या सीखते हैं?

4) इस वचन से हमें अपने जीवन में क्या पालन करना चाहिए?

5) इस वचन को आप किस के साथ बाँटेंगे और कब?

येशु सत्संग