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06. ज्योतिषियों का आना

(मत्ती 2:1-12)

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इसके कुछ समय बाद यरुशलेम में पूर्व देश से ज्योतिषी इसलिये आये क्योंकि उन्होंने एक विशेष प्रकार के तारे को आकाश में देखा। जब उन्होंने इसके बारे में खोज-बीन की, तब उनको पता चला कि इस्राएल में एक विशेष राजा का जन्म हुआ है। तब वे उसको देखने के लिये यरुशलेम गये। और वहां जाकर उन्होंने लोगों से पूछा, “वह बच्चा कहां है, जो पैदा हुआ है और यहूदियों का राजा है? हम उनको प्रणाम करने के लिये यहां आये हैं।”

उस समय इस्राएल का राजा हेरोदेस था। जब उसने उन ज्योतिषियों के बारे में सुना, तब उसने कहा, “वे किस राजा की बात कर रहे हैं? यहाँ का राजा तो मैं हूं! और हमारे घर में किसी लड़के का जन्म नहीं हुआ।”

फिर भी उसने यहूदी धर्मगुरुओं को बुलाकर पूछा, “हमारे धर्म-ग्रंथ के अनुसार यहूदियों के सब से बड़े राजा का जन्म कहां होने वाला है?” उन्होंने बताया, “बैतलहम में, क्योंकि परमात्मा ने यह कहा था, ‘हे यहूदा प्रदेश के बैतलहम, तू एक छोटा गाँव होकर भी यहूदा के विशेष नगरों में से एक है। क्योंकि तुझ में से एक नेता पैदा होगा, जो मेरी जनता इस्राएल का चरवाहा बनेगा।’”

तब राजा ने उन ज्योतिषियों को बुलाकर उन से उस तारे के बारे में सब-कुछ पूछा, और उनसे कहा, “तुम बैतलहम नगर जाकर इस बात का पता करो, और जब तुम को वह मिल जायेंगे, मुझे भी बताना, तब मैं भी जाकर उसको प्रणाम कर सकूंगा।”

यह सुनकर ज्योतिषी चले गये और रास्‍ते में उन्होंने दुबारा उस विशेष तारे को देखा जिस को देखकर वे फिर बहुत खुश हुए। और बैतलहम में वे उस घर में पहुंचे, जहां येशु जी थे। तब उन्होंने अन्दर जाकर येशु जी को प्रणाम किया और उनको सोना, धूप और गन्‍धरस दिया। उस रात परमात्मा ने उनको बताया, “तुम वापिस हेरोदेस राजा के पास नहीं जाना, क्योंकि वह इस बच्चे को मारना चाहता है।” यह सुनकर वे दूसरे रास्‍ते से वापिस चले गये।

ज्योतिषी प्रभु येशु का आदर करते हैं

मनन और चर्चा करने के लिए कुछ सवाल

1) इस वचन में आपको क्या अच्छा लगा? क्या पसंद नहीं आया?

2) इस वचन से आप परमात्मा के बारे में क्या सीखते हैं?

3) इस वचन से आप मनुष्यों के बारे में क्या सीखते हैं?

4) इस वचन से हमें अपने जीवन में क्या पालन करना चाहिए?

5) इस वचन को आप किस के साथ बाँटेंगे और कब?

येशु सत्संग