(मत्ती 2:13-23, लुका 2:40)
तब परमात्मा के दूत ने सपने में योसफ को बताया, “हेरोदेस इस बच्चे को मारने के लिये ढूंढ़ रहा है। इसलिए अपने बच्चे और पत्नी को लेकर, मिस्र देश को चले जा। और जब तक मैं ना कहूं, तब तक वहीं रहना।” तब योसफ रात को ही उन दोनों को लेकर मिस्र देश में चला गया, और वहां तब तक रहा जब तक हेरोदेस नहीं मर गया।
दूसरी ओर जब हेरोदेस ने देखा कि ज्योतिषियों ने मेरे साथ चालाकी की, तब वह क्रोध से लाल-पीला हो गया। उसने ज्योतिषियों के बताये समय के हिसाब से बैतलहम और उसके आस-पास के गाँवों में रहने वाले सब के सब बालकों को जो दो वर्ष से छोटे थे मरवाने की आज्ञा देकर मरवा दिया। इस कारण वह पूरा गाँव शोक में डूब गये।
इस के कुछ समय बाद परमात्मा के दूत ने योसफ से सपने में कहा, “हेरोदेस राजा मर गया है। अब तू अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर इस्राएल देश में वापिस जा!” तब योसफ मरियम और बच्चे को लेकर इस्राएल देश में आ गया, और नासरत नगर में रहने लगा।
और येशु जी में परमात्मा की बुद्धि और आशीष बढ़ती रही।
योसफ और मरियम बालक येशु को मिश्र देश लेके जाते हैं
1) इस वचन में आपको क्या अच्छा लगा? क्या पसंद नहीं आया?
2) इस वचन से आप परमात्मा के बारे में क्या सीखते हैं?
3) इस वचन से आप मनुष्यों के बारे में क्या सीखते हैं?
4) इस वचन से हमें अपने जीवन में क्या पालन करना चाहिए?
5) इस वचन को आप किस के साथ बाँटेंगे और कब?