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66. शिष्य त्यौहार की तैयारी करते हैं

(मरकुस 14:12-16)

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त्यौहार के पहले दिन, जब एक भेड़ के छोटे-छोटे से बकरे को चढ़ाया जाता था, उसकी तैयारी के लिये शिष्यों ने येशु जी से पूछा, “हम कहां जाकर त्यौहार खाने के लिये तैयारी करें?”

तब येशु जी ने दो शिष्यों को यह कहकर भेजा, “यरुशलेम नगर में जाओ। वहां तुम को एक आदमी मिलेगा जो एक पानी से भरे घड़े को ले जा रहा होगा, तुम उसके पीछे-पीछे जाना। जिस घर में वह जाएगा, उस घर के मालिक से तुम ऐसा कहना कि गुरु जी ने पुछवा रखा है कि मेरे लिये वह जगह कहां है, जहां मैं अपने शिष्यों के साथ त्यौहार मनाऊँगा? और वहां वह तुम को वहीं ऊपर एक सजा-सजाया कमरा दिखायेगा। तुम वहीं हम सब के लिये त्यौहार मनाने की तैयारी करना।” यह सुनकर शिष्य चले गये और जैसे कि येशु जी ने उन से कह रखा था उन्होंने यरुशलेम नगर में जाकर सब चीज ठीक वैसी ही पायी। और उन्होंने वहां त्यौहार खाने के लिये तैयारी की।

मनन और चर्चा करने के लिए कुछ सवाल

1) इस वचन में आपको क्या अच्छा लगा? क्या पसंद नहीं आया?

2) इस वचन से आप परमात्मा के बारे में क्या सीखते हैं?

3) इस वचन से आप मनुष्यों के बारे में क्या सीखते हैं?

4) इस वचन से हमें अपने जीवन में क्या पालन करना चाहिए?

5) इस वचन को आप किस के साथ बाँटेंगे और कब?

येशु सत्संग